डॉग केयर: छत्तीसगढ़ के इस फार्म के रक्षक हैं ये डॉग्स
क्या आप जानते हैं कि एक सफल एकीकृत कृषि (Integrated Farming) व्यवसाय के लिए केवल पशुपालन ही काफी नहीं, बल्कि उनकी सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है? छत्तीसगढ़ के सकरौद गांव में रिटायर्ड अकाउंटेंट ए.के. देवांगन जी ने भोटिया कुत्तों की मदद से अपने फार्म को अभेद्य बनाया है। इस लेख में पढ़ें कैसे इंटीग्रेटेड फार्मिंग डॉग केयर आपके पशुधन की रक्षा कर सकता है और कैसे आप भोटिया कुत्तों के पालन से अतिरिक्त मुनाफा कमा सकते हैं।
आज के समय में खेती केवल फसल उगाने तक सीमित नहीं रह गई है। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के सकरौद गांव में एक रिटायर्ड अधिकारी, श्री ए.के. देवांगन जी ने ‘पार्वती एग्रो एंड पेट फार्म’ के माध्यम से खेती का एक नया और आधुनिक मॉडल पेश किया है। यहाँ 3 एकड़ जमीन पर एक साथ बकरी, बत्तख, मुर्गी, मछली, खरगोश और गिनी पिग का पालन किया जा रहा है। लेकिन इस पूरे इंटीग्रेटेड फार्मिंग डॉग केयर मॉडल की सबसे बड़ी खासियत यहाँ के सुरक्षाकर्मी हैं—यानी यहाँ के ‘भोटिया डॉग्स’।
1. फार्म पर डॉग्स की आवश्यकता क्यों?
इंटीग्रेटेड फार्मिंग (एकीकृत कृषि) में जब आपके पास कीमती पशुधन होता है, तो उनकी सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है। देवांगन जी बताते हैं कि उनके फार्म पर एक बार रात के 11 बजे चार चोरों ने घुसने की कोशिश की थी। उस समय उनके डॉग्स ने न केवल उन्हें सतर्क किया, बल्कि एक चोर को पकड़कर लहूलुहान कर दिया, जिससे बाकी चोर भाग खड़े हुए [00:00:21]। यही कारण है कि बड़े फार्म हाउस में इंटीग्रेटेड फार्मिंग डॉग केयर के तहत अच्छे ब्रीड के शिकारी और रखवाले कुत्तों की जरूरत होती है।
2. भोटिया डॉग (Himalayan Sheep Dog) की विशेषताएं
इस फार्म पर मुख्य रूप से भोटिया डॉग्स पाले गए हैं, जिन्हें ‘गड्डी डॉग’ या ‘हिमालयन शिप डॉग’ भी कहा जाता है [00:02:53]।
स्वभाव: ये कुत्ते अपने मालिकों के प्रति बेहद वफादार और शांत होते हैं, लेकिन अजनबियों के लिए काल के समान हैं [00:03:08]।
कद-काठी: इस ब्रीड के वयस्क नर का वजन 50 किलो से लेकर 65 किलो तक जा सकता है [00:12:41]।
शुद्धता: देवांगन जी ने इन्हें सीधे हिमाचल और बागेश्वर (उत्तराखंड) के इलाकों से मंगवाया है ताकि ब्लडलाइन की शुद्धता बनी रहे [00:12:20]।
3. पिल्लों की देखभाल और खान-पान (Puppy Care)
छोटे पिल्लों (पपीज) की देखभाल इंटीग्रेटेड फार्मिंग डॉग केयर का सबसे नाजुक हिस्सा है। देवांगन जी के पास वर्तमान में 8 पिल्ले हैं, जिनकी डाइट का खास ख्याल रखा जाता है:
शुरुआती आहार: मां के दूध के साथ-साथ इन्हें मिल्क पाउडर और फिर सेरेलक दिया गया [00:06:48]।
सॉलिड फूड: एक महीने के होने के बाद इन्हें ‘रॉयल कैनिन स्टार्टर’ को गर्म पानी में भिगोकर और उसमें पका हुआ चावल (भात) मिलाकर दिया जाता है [00:05:05]।
दवाइयां: पिल्लों की हड्डियों और विकास के लिए भोजन में मल्टीविटामिन, कैल्शियम और लिवर टॉनिक (जैसे प्रोटोन) की 1-1 ML मात्रा मिलाई जाती है [00:06:13]।
4. वयस्क डॉग्स का डाइट चार्ट (Adult Dog Diet)
बड़े कुत्तों को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए देवांगन जी एक संतुलित आहार का पालन करते हैं:
मुख्य भोजन: प्रतिदिन 100 ग्राम पेडिग्री (मीट एंड राइस) को गर्म पानी में फुलाकर चावल के साथ दिया जाता है [00:10:16]।
प्रोटीन: उन्हें दिन में तीन बार एक-एक अंडा (कुल 3 अंडे) दिए जाते हैं और हफ्ते में दो दिन चिकन खिलाया जाता है [00:09:53]।
महत्वपूर्ण सलाह: डॉग्स को कभी भी सूखा खाना (Dry Food) सीधा नहीं देना चाहिए। इसे हमेशा पानी में भिगोकर देना चाहिए ताकि यह पेट में जाकर फूले नहीं और शरीर को पूरा पोषण मिले [00:11:43]।
5. स्वास्थ्य और वैक्सीनेशन (Health & Vaccination)
डॉग्स की सुरक्षा के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी अनिवार्य है:
डीवॉर्मिंग: पिल्लों के जन्म के 20 दिन बाद से ही उनकी डीवॉर्मिंग (पेट के कीड़े मारने की दवा) शुरू कर दी जाती है। 40 दिनों के भीतर दो बार डीवॉर्मिंग की जाती है [00:08:06]।
टीकाकरण: तीन महीने के भीतर सभी आवश्यक वैक्सीनेशन (टीके) पूरे किए जाते हैं [00:07:54]।
लिवर टॉनिक: फार्म पर मौजूद सभी जानवरों (गाय, बकरी, कुत्ते) को नियमित रूप से लिवर टॉनिक दिया जाता है ताकि उनका पाचन तंत्र सही रहे [00:05:49]।
6. कमाई का जरिया भी हैं ये डॉग्स
यह मॉडल न केवल सुरक्षा देता है बल्कि मुनाफे का सौदा भी है। देवांगन जी के भोटिया डॉग्स के पिल्लों की भारी डिमांड है। उनके पास से एक पिल्ला लगभग 15,000 रुपये में बिकता है [00:09:09]। इससे फार्म के खर्चों को निकालने में मदद मिलती है।
निष्कर्ष
इंटीग्रेटेड फार्मिंग डॉग केयर केवल शौक नहीं, बल्कि एक आवश्यकता है। अगर आप भी बड़े पैमाने पर बकरी पालन या मुर्गी पालन कर रहे हैं, तो भोटिया जैसे वफादार और खूंखार कुत्तों को पालना आपकी सुरक्षा और व्यवसाय दोनों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
video linkhttps://www.youtube.com/watch?v=diCEtGqr09o
FAQs
प्रश्न 1: इंटीग्रेटेड फार्मिंग में कुत्तों की क्या भूमिका होती है? उत्तर: एकीकृत कृषि (Integrated Farming) में अलग-अलग प्रजाति के जीव एक ही स्थान पर होते हैं। कुत्ते न केवल इन पशुओं को जंगली जानवरों और चोरों से बचाते हैं, बल्कि फार्म की 24 घंटे निगरानी (Security) भी सुनिश्चित करते हैं।
प्रश्न 2: क्या भोटिया डॉग्स छत्तीसगढ़ के गर्म मौसम में रह सकते हैं? उत्तर: हाँ, हालांकि यह मूल रूप से ठंडे इलाकों की ब्रीड है, लेकिन इन्हें बचपन से स्थानीय वातावरण में ढालने पर ये छत्तीसगढ़ जैसे क्षेत्रों में भी अच्छी तरह रह लेते हैं। वीडियो में देवांगन जी ने इन्हें सफलतापूर्वक पाला है।
प्रश्न 3: भोटिया डॉग (हिमालयन शीप डॉग) के पिल्लों की कीमत क्या होती है? उत्तर: पिल्लों की कीमत उनकी ब्लडलाइन और शुद्धता पर निर्भर करती है। पार्वती एग्रो फार्म पर एक शुद्ध ब्रीड के भोटिया पिल्ले की कीमत लगभग 15,000 रुपये है।
प्रश्न 4: डॉग्स को सूखा भोजन (Dry Pedigree) देना क्यों नुकसानदेह हो सकता है? उत्तर: सूखा भोजन सीधा खिलाने से वह कुत्ते के पेट में जाकर फूलता है, जिससे गैस, ब्लोटिंग और पाचन की समस्याएं हो सकती हैं। इसे हमेशा हल्के गर्म पानी में भिगोकर और फुलाकर ही देना चाहिए ताकि पूरा पोषण मिल सके।
प्रश्न 5: क्या भोटिया डॉग्स परिवार के सदस्यों के लिए खतरनाक होते हैं? उत्तर: नहीं, ये कुत्ते अपने मालिकों और परिवार के सदस्यों के प्रति बहुत वफादार और शांत होते हैं। हालांकि, अजनबियों या बाहरी लोगों के प्रति ये बहुत आक्रामक और सुरक्षात्मक हो जाते हैं।
प्रश्न 6: डॉग्स की डीवॉर्मिंग (Deworming) कब करनी चाहिए? उत्तर: पिल्लों के जन्म के 20वें दिन से पहली डीवॉर्मिंग शुरू कर देनी चाहिए और इसे डॉक्टर की सलाह पर समय-समय पर दोहराना चाहिए ताकि उनके पेट में कीड़े न हों और उनका शारीरिक विकास सही से हो।
