बीजों का चयन : धान की खेती

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इस लेख में धान की खेती को अधिक मुनाफेदार बनाने के लिए उन्नत बीजों के चयन, करगा मुक्त धान बनाम पान 804 जमुना की तुलना और प्रभावी खरपतवार नियंत्रण के वैज्ञानिक तरीकों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया है। इसके साथ ही, छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में किसानों के लिए बीज और दवाइयों की खरीदी पर उपलब्ध विशेष बंपर लकी ड्रा ऑफर की पूरी जानकारी साझा की गई है।

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धान की खेती को सफल बनाने के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि कौन सी किस्म कितने दिनों में पककर तैयार होती है और उसकी प्रति एकड़ आवश्यकता कितनी है। यहाँ दुकान पर उपलब्ध कुछ प्रमुख किस्मों का विवरण दिया गया है:

1. वेधा कंपनी के बीज (Vedha Seeds)

  • वेधा गोल्ड (1010): यह किस्म लगभग 115 दिनों में पककर तैयार हो जाती है। कम समय में अच्छी पैदावार के लिए इसे उपयुक्त माना जाता है।

  • वेधा पोहा: पोहा बनाने के लिए विशेष रूप से पसंद की जाने वाली यह किस्म 120 दिनों की अवधि लेती है।

  • वेधा स्वर्ण: यह लंबी अवधि की फसल है जो 140 से 145 दिनों में तैयार होती है।

2. दृश्यम सीड्स (Dryshyam Seeds)

  • संपदा: यह 140 से 145 दिनों की हाइब्रिड किस्म है। यदि किसान भाई सीधे बुआई (बोता) करते हैं तो प्रति एकड़ 30 किलो बीज की आवश्यकता होती है, जबकि रोपाई (रोपा) विधि के लिए मात्र 10 किलो प्रति एकड़ बीज पर्याप्त है।

  • DRS 801: इस किस्म में भी सीधे छिड़काव या बुआई (बोता) के लिए 30 से 35 किलो और रोपाई के लिए 10 किलो बीज की जरूरत पड़ती है।

  • जामनी: यह एक बेहद खास किस्म है जिसकी बालियां काफी लंबी होती हैं। इस किस्म की सबसे बड़ी खासियत इसका रिकॉर्ड उत्पादन है। रोपाई विधि से खेती करने पर यह 33 से 34 क्विंटल प्रति एकड़ तक का बंपर उत्पादन दे सकती है। वहीं, बोता (सीधी बुआई) विधि में भी इसने किसानों को 28 से 29 क्विंटल प्रति एकड़ तक का शानदार रिस्पॉन्स दिया है।

3. सवाना कंपनी के स्मार्ट राइस (Savanna Seeds)

  • एसआरडी 88 (SRD 88): यह 140 से 145 दिनों की अवधि वाली किस्म है।

  • एसआरडी 55 (SRD 55): यह कम समय (115 दिन) में तैयार होने वाली किस्म है। इन दोनों ही किस्मों की कीमत लगभग ₹100 प्रति किलो के आसपास है। रोपाई के लिए 10 किलो और सीधी बुआई के लिए 30 से 40 किलो बीज लगता है।

करगा मुक्त धान (Karaga Mukt Rice) बनाम पान 804 जमुना (Pan 804 Jamuna)

वीडियो में दो प्रमुख धान की किस्मों के बीच तुलनात्मक जानकारी दी गई है, जो धान की खेती में खरपतवार प्रबंधन और बंपर पैदावार के लिए बहुत लोकप्रिय हो रही हैं:

विशेषताकरगा मुक्त धान (सवाना स्मार्ट राइस)पान 804 जमुना (पान सीड्स)
पकने की अवधिलगभग 120 दिन (जल्दी तैयार होने वाली)मध्यम से लंबी अवधि
बीज की मात्रा10 किलो प्रति एकड़10 किलो (रोपा) / 30-35 किलो (बोता)
औसत उत्पादन23 से 24 क्विंटल प्रति एकड़33 से 34 क्विंटल (रोपा) / 27-28 क्विंटल (बोता)
मुख्य खासियतइसमें विशेष खरपतवार नाशक दवा का उपयोग करके ‘करगा’ (जंगली धान/खरपतवार) को पूरी तरह नष्ट किया जा सकता है, जिससे केवल मुख्य फसल बचती है।इसका दाना अत्यधिक वजनदार होता है और एक ही पौधे से 20 से 25 कल्ले (कंसा) निकलते हैं, जिससे पैदावार बहुत भारी होती है।
कीमत₹7500 (10 किलो का पैकेट)बाजार के सामान्य हाइब्रिड रेट पर उपलब्ध

किसान भाइयों के लिए सुझाव: यदि आपके खेतों में जंगली धान या ‘करगा’ की बहुत ज्यादा समस्या है, तो आपके लिए करगा मुक्त तकनीक बेहतरीन साबित होगी। लेकिन यदि आपका खेत साफ है और आप केवल अधिकतम वजन और बंपर पैदावार चाहते हैं, तो ‘पान 804 जमुना’ या ‘दृश्यम की जामनी’ आपके लिए सबसे सटीक चुनाव है।

खरपतवार और कीट प्रबंधन (Weed & Pest Management)

धान की खेती में कल्ले निकलने और शुरुआती विकास के समय खरपतवार (कचरा) सबसे बड़ा दुश्मन साबित होते हैं। इससे निपटने के लिए कृषि केंद्र द्वारा सुझाई गई दवाइयां इस प्रकार हैं:

  1. शुरुआती खरपतवार नियंत्रण (प्री-इमर्जेंस): इसके लिए ट्रॉपिकल कंपनी का ‘पैराजो सल्फ्यूरॉन’ (साथी टेक्निकल) इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे धान की बुआई या रोपाई के तुरंत बाद, 24 घंटे के भीतर खेत में डालना होता है। यह अगले 15 दिनों तक सावा, बदौर या किसी भी अन्य प्रकार के खरपतवार को उगने नहीं देता। खेत में सिर्फ धान के पौधे ही अंकुरित होते हैं।

  2. बाद का खरपतवार नियंत्रण (पोस्ट-इमर्जेंस): अगर खेत में सावा या अन्य घास उग आई है, तो ट्रॉपिकल कंपनी का ‘बिस्पायरीबैक सोडियम’ एक बेहतरीन और अचूक खरपतवार नाशक है। इसके इस्तेमाल के बाद खेतों में हाथ से निंदाई (घास निकालने) की जरूरत नहीं पड़ती।

  3. फसल की ग्रोथ और कल्ले बढ़ाना: पौधों में तेजी से विकास और अधिक से अधिक कल्ले (कंसा) लाने के लिए ट्रॉपिकल कंपनी का ‘टैग’ (Tag) नामक ग्रोथ प्रमोटर इस्तेमाल किया जा सकता है। यह लगभग ₹450 की कीमत में आता है और दो एकड़ की फसल के लिए पर्याप्त है। इसका उपयोग धान के साथ-साथ चना और अन्य सब्जियों में भी किया जा सकता है।

राज कृषि केंद्र का विशेष बंपर ऑफर (लकी ड्रा 2026-27)

राजनांदगांव के सुकुल दहान स्थित राजा कृषि केंद्र ने इस खरीफ सीजन में किसानों के लिए एक बेहतरीन प्रोत्साहन योजना शुरू की है। धान की खेती के लिए बीज या दवाइयां खरीदते समय किसान भाई इस लकी ड्रा का लाभ उठा सकते हैं:

  • पात्रता: यदि कोई भी किसान भाई दुकान से कुल ₹5000 की नगद खरीदी (चाहे वह रिसर्च धान के बीज हों या कृषि दवाइयां) करता है, तो उसे एक लकी ड्रा कूपन दिया जाएगा। यह ₹5000 की खरीदी एक बार में या टुकड़ों में (जैसे पहले 2000 फिर 3000) भी की जा सकती है।

  • आकर्षक पुरस्कार: इस लकी ड्रा के तहत किसानों को HF Deluxe मोटरसाइकिल, पेट्रोल स्प्रेयर पंप, फ्रिज, वाशिंग मशीन, कूलर, क्रॉम्पटन टीवी, टू-इन-वन स्प्रेयर, मिक्सी और घड़ियां जीतने का मौका मिलेगा।

  • नियम व शर्तें: यह लकी ड्रा कूपन नगद खरीदी पर तुरंत मिलेगा। लेकिन यदि किसी किसान का पुराना उधारी खाता है, तो लकी ड्रा में शामिल होने के लिए 31 जनवरी तक उनका पिछला सारा बकाया चुकता (नील) होना अनिवार्य है।

  • कूपन खुलने की तिथि: इस बंपर लकी ड्रा के विजेताओं की घोषणा 20 फरवरी को की जाएगी।

धान की खेती में सही समय पर सही वैज्ञानिक तरीकों, उन्नत बीजों और उचित खरपतवार नाशकों का इस्तेमाल करके छत्तीसगढ़ के किसान भाई अपनी लागत को कम कर सकते हैं और प्रति एकड़ मुनाफे को आसानी से दोगुना कर सकते हैं।

URL: http://www.youtube.com/watch?v=AQX4_a0zCBg

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