धान के बाद स्ट्रॉबेरी की खेती से कमाएं लाखों: छत्तीसगढ़ के बसना से लाइव ग्राउंड रिपोर्ट और 1 एकड़ का सफल मॉडल! 🍓
क्या छत्तीसगढ़ में स्ट्रॉबेरी की खेती संभव है? बसना के किसानों ने 8 एकड़ में स्ट्रॉबेरी लगाकर रचा इतिहास। 1 एकड़ की लागत, मुनाफा और पूरी तकनीक जानने के लिए वीडियो देखें।
Strawberry Farming in Chhattisgarh अब केवल एक सपना नहीं, बल्कि हकीकत बन चुका है। अक्सर माना जाता है कि स्ट्रॉबेरी केवल ठंडे प्रदेशों जैसे महाबलेश्वर या हिमाचल में होती है, लेकिन छत्तीसगढ़ के बसना में किसानों ने इस धारणा को बदल दिया है। यहाँ धान की कटाई के तुरंत बाद 8 एकड़ के विशाल क्षेत्र में स्ट्रॉबेरी की लहलहाती फसल खड़ी है।
इस लेख में हम आपको बताएंगे कि कैसे एक साधारण किसान धान के बाद खाली पड़े खेतों का उपयोग करके स्ट्रॉबेरी से लाखों का मुनाफा कमा सकता है। इस मॉडल में महाबलेश्वर के एक्सपर्ट्स की तकनीक और स्थानीय किसानों की मेहनत का अद्भुत संगम है। अगर आप भी परंपरागत खेती छोड़ कुछ नया और मुनाफे वाला काम करना चाहते हैं, तो यह पोस्ट और इसमें दिया गया YouTube वीडियो आपके लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
“सिर्फ 45 दिनों में फल देना शुरू! जानिए छत्तीसगढ़ की मिट्टी में स्ट्रॉबेरी उगाने का सीक्रेट फॉर्मूला।”
पूरा वीडियो नीचे देखें 👇
https://youtu.be/bF5Jar3Apus?si=8T4zUDYjtJxwPvoi
छत्तीसगढ़ में स्ट्रॉबेरी: एक उभरता हुआ हब
छत्तीसगढ़ का वातावरण स्ट्रॉबेरी के लिए बहुत अनुकूल पाया गया है। यहाँ की ‘भाटा-टिकरा’ (हल्की और पानी निकासी वाली) जमीन इस फल के लिए सर्वोत्तम है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि छत्तीसगढ़ भारत के केंद्र में होने के कारण यहाँ से उत्तर और दक्षिण दोनों तरफ माल भेजना आसान है।
👉 [यहाँ Image लगाएं: स्ट्रॉबेरी के ऊंचे बेड (Beds) और मल्चिंग की फोटो]
(Alt Text: Strawberry Planting Bed Preparation)
स्ट्रॉबेरी लगाने का सही समय और तरीका
स्ट्रॉबेरी के लिए सबसे महत्वपूर्ण है इसकी टाइमिंग। धान की ‘हरुना’ (जल्दी पकने वाली) किस्म काटने के बाद, सितंबर से अक्टूबर के बीच इसकी प्लांटिंग कर देनी चाहिए।
- दूरी: पौधे से पौधे की दूरी 1 फीट (जिग-जैग तरीके से)।
- बेड: कम से कम 1 फीट ऊंचा बेड ताकि जल निकासी सही रहे।
- किस्में: विंटर डाउन (Winter Dawn) और सबरीना (Sabrina) जैसी किस्में छत्तीसगढ़ के लिए बेहतरीन हैं।
सिंचाई और मल्चिंग की नई तकनीक
चूंकि छत्तीसगढ़ एक गर्म क्षेत्र है, यहाँ Black & White Mulching का उपयोग करना चाहिए। यह मिट्टी के तापमान को नियंत्रित रखती है। सिंचाई के लिए ड्रिप सिस्टम अनिवार्य है, जिसमें रोजाना केवल 10-15 मिनट पानी की आवश्यकता होती है।
मुख्य जानकारी एक नजर में:
विवरण जानकारी पौधों की संख्या 22,000 प्रति एकड़ तापमान रात: 12°C, दिन: 27-30°C (आदर्श) फल शुरू होना लगाने के 45-60 दिन बाद मुख्य बीमारियाँ फंगस, रूट रॉट (मिर्ची जैसी देखभाल) बाजार बिलासपुर, रायपुर और ओडिशा के मार्केट
- एक्सपर्ट टिप: हमेशा सुबह धूप निकलने से पहले फलों की तुड़ाई करें ताकि फल सख्त और ताजे रहें।
किसान भाइयों, खेती में अब बदलाव का समय है! स्ट्रॉबेरी न केवल आपको आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगी बल्कि आपको एक ‘Agri-Entrepreneur’ के रूप में पहचान दिलाएगी। ओमप्रकाश औसर जी के इस वीडियो को पूरा देखें ताकि आप बारीकियों को समझ सकें और कोई गलती न करें।
अगर आपके मन में कोई सवाल है, तो वीडियो के कमेंट बॉक्स में पूछें और खेती की ऐसी ही क्रांतिकारी जानकारियों के लिए हमारे YouTube चैनल को सब्सक्राइब जरूर करें!
स्ट्रॉबेरी की खेती छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए एक सुनहरी उपलब्धि साबित हो सकती है। बसना के इस सफल मॉडल ने यह साबित कर दिया है कि सही तकनीक और सही किस्मों के चुनाव से हम अपनी आय को कई गुना बढ़ा सकते हैं। हालांकि, यह एक संवेदनशील फसल है जिसमें बाजार प्रबंधन की अहम भूमिका है। यदि आप मेहनत करने के लिए तैयार हैं, तो धान के बाद स्ट्रॉबेरी आपके खेत में सोना उगा सकती है।