छत्तीसगढ़ में आधुनिक सुअर पालन की एक झलक

छत्तीसगढ़ के जशपुर में स्थित भगत पिग फार्म एक आधुनिक सूअर पालन केंद्र है। यह फार्म उन्नत तकनीकों का उपयोग करके टीएडी और लार्ज व्हाइट सूअरों का पालन करता है। जानें कैसे यह फार्म उच्च गुणवत्ता वाले सूअर और उनके बच्चों का उत्पादन करता है, जो बिक्री के लिए भी उपलब्ध हैं।

छत्तीसगढ़ के जशपुर में आधुनिक भगत पिग फार्म: एक पूरा अवलोकन


परिचय

क्या आप आधुनिक सूअर पालन में रुचि रखते हैं? शायद आप छत्तीसगढ़ में नए कृषि तरीकों की तलाश में हैं। यह पोस्ट आपको भगत पिग फार्म के बारे में बताएगी। यह जशपुर जिले के टेमो गाँव में स्थित है। यह फार्म अपनी बड़ी जगह और आधुनिक सुविधाओं के लिए प्रसिद्ध है। दरअसल, यह सूअर पालन में एक नया मानक तय कर रहा है। आइए, इस सफल फार्म की मुख्य बातें जानते ह

भगत पिग फार्म: आधुनिक संरचना और प्रबंधन

भगत पिग फार्म को बहुत सोच-समझकर बनाया गया है। इसके शेड बड़े और हवादार हैं। परिणामस्वरूप, ये सूअरों को बहुत आराम देते हैं। फार्म में साफ-सफाई पर खास ध्यान दिया जाता है। वास्तव में, यह पशुओं के लिए बहुत ज़रूरी है। अच्छी साफ-सफाई से जानवर स्वस्थ रहते हैं। साथ ही, इससे बीमारियों का खतरा भी कम होता है।

अच्छी गुणवत्ता वाले सूअर

इस फार्म में दो मुख्य और लोकप्रिय नस्लें पाली जाती हैं: टीएडी (TAD) और लार्ज व्हाइट (Large White)। ये दोनों नस्लें तेजी से बढ़ती हैं। इसके अलावा, इनका मांस भी उच्च गुणवत्ता का होता है। इसीलिए, ये व्यापारिक सूअर पालन के लिए बहुत बढ़िया हैं।

  • अलग-अलग रहने की जगह: फार्म में सूअरों के लिए अलग-अलग हिस्से हैं। उदाहरण के लिए, बच्चे, मादा और नर सूअर अलग रखे जाते हैं। इससे उनकी देखभाल आसान होती है।
  • बच्चों की सुरक्षा: छोटे बच्चों के लिए एक खास जगह भी है। यहाँ वे गलती से माँ के नीचे दबने से बचते हैं। नतीजतन, नवजात सूअरों की मृत्यु दर कम होती है।

सही पोषण और खाना

भगत पिग फार्म में सूअरों के पोषण पर विशेष ध्यान दिया जाता है। उन्हें उनकी उम्र और ज़रूरत के हिसाब से खास खाना मिलता है। इसमें शामिल हैं:

  • स्टार्टर फ़ीड: यह छोटे बच्चों के लिए है। यह उनके तेज़ विकास में मदद करता है।
  • ग्रोवर फ़ीड: यह 30 से 70 किलो के सूअरों के लिए है। यह उनकी बढ़ती उम्र में सहारा देता है।
  • फिनिशर फ़ीड: यह 70 से 150 किलो के सूअरों के लिए है। ये मांस उत्पादन के लिए तैयार होते हैं।
  • लैक्टेशन फ़ीड: यह दूध देने वाली मादाओं के लिए है। यह उन्हें और उनके बच्चों को पोषण देता है।

यह सारा खाना सन्ना में अंकित एग्रो फीड्स कंपनी से आता है। गौरतलब है कि यह कंपनी अच्छे पशु आहार के लिए जानी जाती है। सूअरों को दिन में तीन बार खाना मिलता है: सुबह 8 बजे, दोपहर 12 बजे और शाम 4 बजे। उन्हें स्टील की ट्रे में खाना दिया जाता है। इसके अलावा, पानी के लिए सीधी नल की व्यवस्था है। इसलिए उन्हें हमेशा ताज़ा पानी मिलता है।

गर्मी से बचाव

सूअरों को तेज़ गर्मी से बचाने के लिए, शेड पर जाली और नेट लगाए गए हैं। यह प्रणाली शेड के तापमान को नियंत्रित करती है। खासकर छत्तीसगढ़ जैसे गर्म इलाकों में यह ज़रूरी है। परिणामस्वरूप, सूअरों का तनाव कम होता है। वे स्वस्थ रहते हैं।

बिक्री के अवसर

भगत पिग फार्म में न केवल सूअर पाले जाते हैं, बल्कि सूअर और उनके बच्चे बिक्री के लिए भी उपलब्ध हैं। यह उन लोगों के लिए एक बेहतरीन मौका है जो सूअर पालन का काम शुरू करना चाहते हैं। या फिर अपने मौजूदा फार्म को बढ़ाना चाहते हैं। यहाँ अच्छी नस्लें और स्वस्थ जानवर मिलते हैं। अतः, यह एक भरोसेमंद स्रोत है।

निष्कर्ष

भगत पिग फार्म जशपुर, छत्तीसगढ़ में एक बेहतरीन आधुनिक सूअर फार्म है। यह फार्म स्थानीय अर्थव्यवस्था को मज़बूत कर रहा है। इसके अलावा, यह दूसरे किसानों को भी प्रेरित करता है। यह दिखाता है कि सही योजना और प्रबंधन के साथ सूअर पालन एक सफल और लाभदायक व्यवसाय हो सकता है।