जशपुर में ऐतिहासिक कृषि बागवानी

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जशपुर में सफल कृषि बागवानी एक्सपो और क्रेता-विक्रेता सम्मेलन, स्थानीय कृषि को मिला बढ़ावा

जशपुर, छत्तीसगढ़ – जशपुर जिला प्रशासन ने हाल ही में 28 और 29 जून को जिला पंचायत में एक अत्यंत सफल कृषि बागवानी एक्सपो और क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का आयोजन किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा वर्चुअली उद्घाटन किए गए इस महत्वपूर्ण आयोजन का उद्देश्य स्थानीय किसानों को सशक्त बनाना और बिचौलियों को दरकिनार करते हुए उन्हें सीधे बाजारों से जोड़ना था।इस पहल ने किसान कल्याण के प्रयासों के लिए राज्य-स्तरीय प्रशंसा प्राप्त की है। इस आयोजन का एक मुख्य आकर्षण स्थानीय उपज की भारी खरीद थी, जिसमें कंपनियों ने जशपुर के किसानों से 50 टन नाशपाती और 50 टन काजू खरीदे।

मुख्य परिणाम और पहल:

  • सीधी बाजार पहुंच: क्रेता-विक्रेता सम्मेलन ने किसानों और कंपनियों के बीच सीधी बातचीत की सुविधा प्रदान की, बिचौलियों को खत्म किया और उपज के लिए उचित मूल्य सुनिश्चित किया।
  • विविध कृषि प्रदर्शन: एक्सपो ने किसानों को जशपुर की विविध फसलों, जैसे लीची, कटहल, चीकू और नाशपाती की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदर्शित करने के लिए एक मंच प्रदान किया।
  • अद्वितीय किस्मों पर ध्यान: जशपुर की अनूठी जलवायु पारंपरिक फसलों की एक समृद्ध विविधता का समर्थन करती है। मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि जिले की दुर्लभ धान की किस्में और बागवानी फसलें ऐसी पहलों के माध्यम से राष्ट्रीय पहचान प्राप्त करेंगी।
  • बीज बैंक की स्थापना: पारंपरिक किस्मों की प्रचुरता को पहचानते हुए, जिला प्रशासन इन अद्वितीय किस्मों को आधिकारिक तौर पर एकत्र और संरक्षित करने के लिए एक बीज बैंक स्थापित करने की सक्रिय रूप से योजना बना रहा है, संभवतः जीआई टैगिंग के माध्यम से।
  • उद्योग की जरूरतों को पूरा करना: पशुपालन उद्योग से जुड़ी कंपनियों ने मक्के की मांग और किसानों के साथ सीधे संपर्क की कमी के कारण आने वाली चुनौतियों पर प्रकाश डाला। इस सम्मेलन ने उन्हें उचित मूल्य पर मक्का खरीदने के लिए किसानों से सीधे जुड़ने में मदद की।
  • ज्ञान साझाकरण: छत्तीसगढ़ की एक बीज उत्पादक कंपनी के निदेशक डॉ. शुक्ला ने नकदी फसलों के लिए जशपुर की अनुकूल जलवायु पर प्रकाश डाला और उपयुक्त किस्मों और उत्पादन तकनीकों के बारे में जानकारी प्रदान की।
  • किसान सम्मान: अभिनव किसानों और भारी नाशपाती और आम का उत्पादन करने वाले किसानों के लिए एक प्रतियोगिता आयोजित की गई। विजेताओं को नकद पुरस्कार और प्रमाण पत्र मिले, जिसमें प्रथम स्थान पाने वाले किसान को 5000 रुपये मिले।

कार्यक्रम में 2,000 से अधिक किसानों और 20 से अधिक कृषि उत्पाद कंपनियों ने भाग लिया, जिसमें 13 कृषि उत्पादक संगठन, प्रगतिशील किसान और क्रेता कंपनियां एक ही मंच पर एक साथ आए। यह सफल आयोजन जशपुर के कृषि क्षेत्र को मजबूत करने और इसके किसानों के लिए समृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


Meta Description (Hindi):जशपुर में आयोजित Agri Horti Expo और Buyer-Seller सम्मेलन की मुख्य बातें जानें। इस आयोजन ने किसानों को सीधे बाजार से जोड़ा, 50 टन नाशपाती और काजू की बिक्री हुई, और कृषि विकास को बढ़ावा मिला।


FAQs

Q1: जशपुर एग्री-हॉर्टी एक्सपो और क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य क्या था? A1: मुख्य उद्देश्य किसानों को कृषि उत्पाद कंपनियों से सीधे जोड़कर सशक्त बनाना, मजबूत बाजार संबंध स्थापित करना और जशपुर जिले के विविध कृषि और बागवानी उत्पादों को बढ़ावा देना था।Q2: जशपुर एग्री-हॉर्टी एक्सपो कब और कहाँ आयोजित किया गया था? A2: यह एक्सपो 28 और 29 जून को जशपुर के जिला पंचायत में आयोजित किया गया था।Q3: इस आयोजन में कितने किसानों और कंपनियों ने भाग लिया? A3: एक्सपो में 2,000 से अधिक किसानों और 20 से अधिक कृषि उत्पाद कंपनियों ने भाग लिया।Q4: आयोजन में बेचे गए कुछ प्रमुख कृषि उत्पाद क्या थे? A4: स्थानीय किसानों से नाशपाती (500 टन) और काजू (50 टन) की महत्वपूर्ण मात्रा में खरीद की गई। कुटकी जैसे पारंपरिक अनाजों और विभिन्न बागवानी फसलों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया था।Q5: एक्सपो से किसानों को सीधे कैसे लाभ हुआ? A5: किसानों को कंपनियों को सीधी बिक्री, पूर्व-निर्धारित कीमतों के लिए कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग पर चर्चा, डिजिटल मार्केटिंग विधियों (एग्रीबिड) के बारे में जानकारी और जैविक प्रमाणीकरण और निर्यात प्रक्रियाओं पर ज्ञान साझा करने से लाभ हुआ।Q6: जशपुर में कृषि के भविष्य के लिए किन पहलों पर चर्चा की गई? A6: प्रमुख पहलों में पारंपरिक किस्मों के लिए बीज बैंक स्थापित करना, अद्वितीय उत्पादों के लिए जीआई टैग प्राप्त करना, किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को मजबूत करना और किसानों का समर्थन करने के लिए एक एग्रीबिड कॉल सेंटर स्थापित करना शामिल है।Q7: क्या एक्सपो में कोई विशेष सम्मान या प्रतियोगिताएँ थीं? A7: हाँ, नवीन किसानों और अधिक वजन वाले नाशपाती और आम का उत्पादन करने वालों को सम्मानित करने के लिए एक प्रतियोगिता आयोजित की गई थी, जिसमें विजेताओं को नकद पुरस्कार और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।Q8: इस आयोजन से बिचौलियों को खत्म करने में कैसे मदद मिली? A8: क्रेता-विक्रेता बातचीत के लिए एक सीधा मंच प्रदान करके, एक्सपो का उद्देश्य बिचौलियों पर निर्भरता को कम करना था, जिससे किसानों को उनकी उपज के लिए उचित मूल्य मिल सके।


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  • जैविक खेती भारत
  • जीआई टैग फसलें
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  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
  • फसल विविधता
  • एग्रीबिड
  • कृषि क्रांति अभियान
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लॉन्ग-टेल कीवर्ड/वाक्यांश:

  • जशपुर एग्री-हॉर्टी एक्सपो से किसानों को लाभ
  • जशपुर के किसान कैसे बाजारों से जुड़ रहे हैं
  • जशपुर में कृषि पर क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का प्रभाव
  • जशपुर जिला प्रशासन की कृषि पहल
  • जशपुर एग्री एक्सपो की सफलता की कहानियाँ
  • छत्तीसगढ़ में कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग का भविष्य
  • जशपुर में छोटे किसानों के लिए FPO का महत्व
  • भारत में कृषि उत्पादों के लिए जैविक प्रमाणीकरण प्रक्रिया
  • जशपुर में पारंपरिक फसल किस्मों को बढ़ावा देना
  • जशपुर में किसानों के लिए डिजिटल मार्केटिंग समाधान