कमदगिरी पर्वत: चित्रकूट धाम का हृदय | Kamadgiri Parikrama
चित्रकूट धाम की हम बात करें तो मध्यप्रदेश के सतना जिले में और उत्तर प्रदेश में चित्रकूट स्थित है कामदगिरि पर्वत मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में आता है और यहां आने वाले तीर्थ यात्री, कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा करते हैं।
कमदगिरी पर्वत: चित्रकूट धाम का हृदय | Kamadgiri Parikrama
हम बता रहे हैं कामदगिरि पर्वत चित्रकूट । चित्रकूट धाम की हम बात करें तो मध्यप्रदेश के सतना जिले में और उत्तर प्रदेश में चित्रकूट स्थित है कामदगिरि पर्वत मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में आता है और यहां आने वाले तीर्थ यात्री, कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा करते हैं। परिक्रमा के दौरान मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा रेखा मिलती-जुलती रहती है।
5 किलोमीटर की परिक्रमा अति रमणीय है इस परिक्रमा में कामदगिरि के चार द्वार हैं और चारों द्वार पर मंदिर स्थित है और इसमें कामतानाथ जी की प्रतिमा स्थापित है कामदगिरि को ही कामतानाथ जी कहते हैं। मान्यता है कि भगवान राम ने अपने वनवास काल के साडे 11 वर्ष चित्रकूट में ही बिताये हैं ।
परिक्रमा के दौरान आपको उन साडे 11 वर्ष के लीलाओं के दृश्य देखने को मिलते हैं जैसे कि रास्ते में आपको भरत मिलाप मिलेगा जहां पर भरत प्रभु राम को वापस ले जाना है साथ ही जहां से लक्ष्मण जी चौकीदारी किया करते थे वह जगह भी आपको देखने को मिलेगी इसी के साथ गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा लगाया हुआ पेड़ भी आप देख सकते हैं इस 5 किलोमीटर की पैदल यात्रा आपको तनिक भी नहीं थकाती है मुझे उम्मीद है कि यह वीडियो आप उतनी ही श्रद्धा के साथ देखेंगे और जब कभी चित्रकूट है तो कामदगिरि की परिक्रमा अवश्य करें ।